Friday, November 11, 2011

" मा "

 मा के ओ आँचर बहुत याद अबैया
ओ पूरा दुनिया यई हमर, ओई में नुका के बहुत मन करैया
अखनो कहियो जखन छू लै या माथ के हमर
सचे कहै छि यौ मा हमर बचपन चैल अबै या

सुनै छि जखन कूनो गीत मिठास भरल
तोहर गुणगुनेनाइ याद अबै या
ओ लोरी के कम आवाज़
जे गुन्जैत रहै छल
हमारा सुइत गेला के बादो

अईछ इ दुनिया के अनमोल ओ गीत
जकरा कहियो नै पलक ओs कारी राइत जित
मन कते तरसै या मा
ओ मीठ बोली के लेल
ओ सब बात सब शब्द
जे चुनला तू हमरा लेल

किछ नै छल हमरा लग तैयो कते खुस छलौ हम
आई सब किछ होइतो किया नै मुस्कुराई छि हम
ओ आँचर मा के बहुत याद अबै या
आई धरफर में जरा लेलौं हा ठोर अपन
तोहर ओ फुइक फुइक क खुवेनाई याद अबै या
आई त चैलते चैलते चिख्लौ हा कर अखन
तोहर ओ खिसियाक बैसेनाई याद अबै या

बिना मुह धोने चैल देलौ इ दुनिया के दौर में
ओ मुह धो कs भगबान के याद केनाई याद अबै या
ओ आँचर अइछ पूरा दुनिया सs बरका
ओ हमरा बहुत सोभै छल
मा तोहर ओ आँचर बहुत याद अबै या ...........

मा सs बरका कुनो रिश्ता नै इ संसार में 
                                   - -राहुल झा

Friday, March 25, 2011

बौवा करबा की ?

देशक हाल बेहाल छै बौवा करबा की ? 
नेता बनल बैमान बौवा करबा की ?
जीत पठाओल बौवा जकरा संसदमे
वाएह बनल गद्दार बौवा करबा की ?
देशक हाल बेहाल छै बौवा करबा की ?
नङ्गरी सुटका बैसल सभासद संसदमे
बनि बडका बुधियार बौवा करबा की ?
कएने छै अगोरिया एखनो पद्देके लेल
बेच अपन ईमान बौवा करबा की ?
देशक हाल बेहाल छै बौवा करबा की ?

लेस रहल छै जाति धरम आ भाषा भेषक
कोने कोन पसाही बौवा करबा की ?
कना रहल छै जनता के हक्कन
लगा द्वन्द अगराही बौवा करबा की ?
देशक हाल बेहाल छै बौवा करबा की ?
जरा रहल छै स्वार्थक खातिर
टोल टोल आ गाम बौवा करबा की ?
नै छै धधकैत देशक चिन्ता
छै कुर्सी पर ध्यान बौवा करबा की ?
देशक हाल बेहाल छै बौवा करबा की ?

रत्तमय धर्तीक चितकार कोनाक सुनत के
मुनि बैसल सब कान बौवा करबा की ?
सिंचल जकरा सोनित भैर भैर
सएह बनल आइ आन बौवा करबा की ?
देशक हाल बेहाल छै बौवा करबा की ?
बन्दी बना अधिकार जे बैसल
नेता शिर्ष महान बौवा करबा की ?


खोलि कोना स्वतन्त्रता बांटत
बटनाहर सैतान बौवा करबा की ?
देशक हाल बेहाल छै बौवा करबा की ?
कहि रहल छै बुत्ता छ त ला अधिकार
शासन हमर पुस्तैनि तु करबा की ?
मोछ पिजा उठोने झंडा जिद्दक लेल
लरबा लेल ललकारै बौव करबा की ?
लरबा लेल ललकारै बौव करबा की ?
देशक हाल बेहाल छै बौवा करबा की ?

                                                           -प्रकाश प्रेमी ,जनकपुर

Tuesday, March 22, 2011

शिक्षा

शिक्षा अईछ अनमोल रतन ।
किया करै छि एकरा पतन ।।
शिक्षा स अंधकार हटाऊ।
पैढ़ लिख क देश बनाऊ ।।

छोटका बरका सब कियो पढू ।
सब कियो मिल क देश जगाबू ।।
करू शिक्षा के एक अभियान ।
जत बने सब बिद्वान ।।

बिद्वान बैन क देश चलाऊ।
तब देखू शिक्षा के काम ।।
हेतई अपन देश महान ।
सब कियो लेती अपना सबहक नाम ।।


शिक्षा अईछ अनमोल रतन।
किया करै छि एकर पतन ।।

चुनीया मुनिया स्कूल जो ।
पैढ़ लिख क देश बनो ।।
तब चल्तौ बेटियों के नाम ।
तहां भेट तौ देश में सम्मान ।।

देश बासी सब कियो जागु।
शिक्षा के आबाज उठाबू ।।
देश में अईछ शिक्षा के काम ।
तहन बनत देश महान ।।

बौवा बुची बुढ जवान ।
सब के देत शिक्षा मात्र काम ।।
दुनिया में एक एहन मात्र धन ।
जाकर देख करे कियो नै तंग ।।

शिक्षा अईछ अनमोल रतन ।
किया करै छि एकर पतन ।।
                                       -राहुल झा

Friday, March 18, 2011

बुरा ना मानों होली है

होली के बोली में इ संग द कs ।
जे नै चा है या तकरो रंग द कs ।।
भौजी सब के तंग कsक ।
कहै छि होली है बुरा ना मानों होली है ।।

जिंदगी में पि क दंग भ कs ।
एक आपस में सब कियो संग भ कs ।।
बौवा बुची सब के दंग कsक ।
पापा म्मी सब स रंग ल कs ।।
कहै छि होली है बुरा ना मानों होली है ।।

रंग  के जंग में मतंग भ कs ।
भाँग क गोला स दंग भ कs ।।
अबीर आ रंग स तंग भ कs. ।
जोगीरा आ होली के गीत में मतंग भ कs ।।
कहै छि होली है बुरा ना मानों होली है ।।

गाम के ग़ली सब में होरी गाइब कsक ।
छरा मरा सब जोगीरा गाइब कs ।।
रंग खेल क मतंग भ कs ।
अपने नसा में मतंग भ कs ।।
कहै छि होली है बुरा ना मानों होली है ।

                                  राहुल झा
                                 

Sunday, February 20, 2011

याद किया अबैया ओ

कोना कs जिबू आब हम लागल यई चोट जबानी में -२
प्रेमके वादा कsक छोइर देलक हमरा
बिच रास्तामे आइब कs दिल तोइर देलक हमरा
कोना कs जिबू आब हम लागल यई चोट जबानी में -२

सपना छल जे हमर
पूरा भ नै सकल
वादा कsक हमर साथ छोइर देलक हमरा
कोना कs जिबू हम ...................................२

रिश्ता नाता तोइर कs प्रेम जे करै छेलौ
साथ नै दक हमर दोसरके हात पकरलक ओ
की कमी छल हमरा में ओं त नै जाहिर केलक
कोना कs जिबू आब हम ........................................२

प्रेमके संसारमें  टुहरा बना देलक हमरा
पिबई छि ओकरे खातिर तैयो याद अबै या ओं
छोइर देलक साथ तैयो किया तर्सबै या ओ
सपना के संसारमे देखै छि आब ओकरे हम

आई जे साथ छोइर देलक जिब के मन नै करैया ओ
पिबई छि शराब तै यो किया याद अबै या ओ
ओकर ओ नासालू नयन अखनो मन परैया जे
अपनो अईखो स नोर गिर परैया हमरा
कोना कs जिबू आब हम ........................................२

जैन तू जे बात इ सब
प्रेम त कहियो नै करतौ
प्रेमक इ जालमे हम कहियो नै फस्तौ
माछ जेका छट पटाइ छि याद जखन अबैया ओ
कोना क जिबू आब हम लागल यई चोट जबानी में .........२
                                                                                       - राहुल झा (गीत)

Friday, February 18, 2011

मेरो यो प्रेम पत्र

रोक नहीं पाते यह आंसू चलो आज जि भर के बहने दो
में था कबका तनहा ऐ दोस्त मुझे तनहा ही रहने दो
                                     उनसे वफ़ा करके यह इनाम पाया हमने

                                     वो अगर  कहे  मुझे  बेवफा तोह उसे कहने दो . 


कुरा आजको होइन जिन्दगिमा कति बेला कस्ता मोडहरु आऊन्छ, यदि त्यो पहिले नै थाहा भएको भए सायद गल्ति कसै बाट पनि हुन्दैन होला। अनी कसैले प्रेममा धोखा अनि पिडा पनि खेप्नु पर्दैन। जीबनको त्यों पल संगै म आफ्नो जिबनको त्यों अमूल्य चीज तिमी लाई सुपिन पुगे , तै पनि यती धेरै बिश्वास अनी भरोसा थियो हामी दुबैमा। आजको  समाजमा स्वार्थ बिना एक पाईला चल्दैन तर पनि हाम्रो त्यो निस्वार्थ प्रेम एक आपसमा धरै गहिरो र निश्चल थियो।  ...................
सदियों  बाद  उस  अजनबी  से  मुलाक़ात  हुई ..
आंखो  ही  आँखों  मैं  चाहत  की  हर  बात  हुई ...
                                 जाते  हुवे उस  ने  देखा  मुझे  चाहत  भरी निगाहों से

                                         मेरे  भी  आँखों  से  आंसुओ  की  बरसात  हुई .


समयको गतिसँगै सबै कुरा आ-आफ्नो अवस्थालाई पार गर्दै व्यस्त भैरहेको थियो। यस्तै समयसँगै दौडने क्रममा हामी दुबै बिच एउटा त्यस्तो पल आउन पुग्यो जुन प्रेमी प्रेमिका बिचमा हुन्थ्यो। प्रकृतिले पनि हाम्रो साथ दिँदै थियो। तिमिलाई म आफूलाई भन्दा पनि बढी माया गर्छु र तिमि नै मेरो संसार हो, मेरो खुसी, रोदन, हाँसो सबै तिमी हो । तिमीलाई सम्झँदा मात्र पनि मनका सबै पीडा बिर्सन्छु अनि डुब्न थाल्छु हाम्रो त्यो बिगतमा सम्झनामा र न्यानो स्पर्श संगको त्यों प्रेमको सुमधुर सागरमा । मलाई तिम्रो यति माया लाग्छ कि, जस्तोसुकै परिस्थितिमा पनि बिर्सन सक्दिन, तर बाध्यता छ, अनि सम्झन्छु पहिलेका ती मायाका भावनाहरू, ती स्पर्श र न्यानो साथ अनि सुरु हुन्छन् आँसुका वर्षाहरू... मेरो मन यति पिरोलिन्छ, यति अतालिन्छ, के गर्ने ? जता गए नि हुन्न उता गए नि हुन्न । अझ कुनै त्यस्तो क्षण सम्झिन्दा त तिम्रो एकदम याद आउँछ ।....................  

जितना प्यार है आपसे,उस से और ज्यादा पाने को जी चाहता है ....
जाने वोह कौन सी  खूबी है आप में ,की हार रिश्ता आप से बनाने को जी चाहता है .... 

 
तिम्रो अमूल्य माया अनि तिम्रो मधुर बोलीले मलाई मदहोस बनाएको छ । कुनै कठोर परिस्थितिमा तिमीलाई सम्झँदा मात्र पनि सन्तोष प्राप्त हुन्छ ।त्यस्तै यात्राका क्रममा तिमीलाई अत्यधिक माया गर्न थालेछु, मेरो हृदयको रोजाइ तिमी नै बन्न पुग्यौं । सायद तिमी मेरै निम्ति बनेका हौं । तिम्रो त्यो सुन्दर मुहार अनि मीठो बोलीमाथि अलिकति मुस्कुराउँदाको सुन्दरता वर्णन गरी नसकिने, अनि तिम्रो त्यो सहयोगी भावना र अरूप्रति गर्ने तिम्रो व्यवहार.... तिम्रो निर्मल हेराई अनि त्यो स्वच्छ व्यवहारले पनि होला म तिमि प्रति आकर्सित भएको... ।...........
                      
  अजनबी शहर के अजनबी रस्ते  ,
मेरी तन्हाई पर मुस्कुराते रहे  ,
                                     मैं बहुत दूर तक यूँही चलता रहा  ,
                                             तुम बहुत देर तक याद आते रहे .

जहाँत्यहीँ छलकपट, विश्वासघात अनि मायाप्रेम जस्तो अमूल्य चीजमा पनि धोका भेटि्न्छ तर तिमी र मेरो वास्तविकता त्यो होइन । मेरो भेट तिमी संग हुंदा र तिमिसित भएका केही कुराकानीमा नै मेरो मनमा हलचल मचिसकेको थियो। मानौ भित्रि कतै करेन्ट लागे जस्तो, सायद त्यसैले नै  तिमीलाई रोजें।.............



वक़्त कहता है मैं फिर न आऊंगा तेरी आँखों को ना अब रुलाऊंगा जीना हो तो इस पल को जी लो शायद मैं कल तक न रुक पाउँगा .

कति छिटो हाम्रो मिलन अनी बिछोड भयो यो सोच्दा मात्र पनि मन भारी भएर आउन्छ। सायद हामी दुबैको जिन्दगीमा सुन्दर क्षण त्यही थियो होला, हरेक साता भेट नभए पनी , हर दिन अलि समय् हुने बितिकै मोबाईलमा घण्टौ सम्म त्यों मधुर प्रेमको कुराकानी हुन्थ्यो । एक पल्ट आवाज सुने बिना बस्न सकदैन्थ्यो। तर अज अचानक के भयो..! भयो मानौ हामी दुबै बिच कहिल्यै चिनजानै नभएको जस्तै, आज तिमीबाट टाढा रहँदा पनि हृदयको कुना-कुनामा तिम्रै तस्बिर खोज्न थाल्छ यो मन।............

उनकी एक नज़र को तरसती रहेंगे ,ए अंशों भी हार पल बरसती रहेंगी ,
                                               कभी बीती थे कुछ पल उनकी साथ,बस यही सोचकर हँसते रहेंगे . 


 यो सुन्दर संसारमा तिम्रै न्यानो माया अनि साथ पाइरहे म कति धन्य हुन्थे, तिम्रै सहारामा जिन्दगीको उकालीओराली अनि भन्ज्याङहरू पार गर्दै दिनहरु बिताऊन पाए हामी कति खुशी हुन्थे
सायद तर इश्वरको इक्छा रहेनछ क्यारे त्यों मधुर मिलन प्रेममा मा गरेको बचा त्यागेर भोली तिमी कोही अरु संग आफ्नो जिन्दगीको सुरुवात गर्दै छौ । अरु त के भनु मलाई साथ न दिए पनी मा तिमीलाई आफ्नो तर्फ्बत बिहेको हार्दिक शुभकामना ब्यक्त गर्दै जीबनमा कहिल्यै कुनै कामले मेरो याद आयो भने निर्भाक साथ मलाई यादगर्नु मा त तिमी बिना बचन सक्दिन सायद तर तिमी सदा खुसी रहनु र आफ्नो मनको कुनै कुनामा थोरे भए पनी यो मान्छे लाई याद गर्नु ................................................
              
लोग समझते हैन हमने उन्हें भुला रखा है , 
वोह क्या जाने दिल में छुपा रखा है ...
                                                      देखे न कोई उन्हें मेरी आँखों में .
                                                       इसलिए पलकों को गिरा रखा  है ....

आब अहाँ बिण जिबू कोना

अब अहाँ बिण जिबू कोना ।
इ एक सीसी जहर पिबू कोना ।।
प्रेम के बिच रास्ता में छोइर देलौं।
कहू आब इ आंसू पिबू कोना ।।

याद त सायद अहुँ के हयात।।
ओ मीठ बचन और ओ प्रेम कs दिन ।
कहू किया छीन लेलौ आब हमर जिंदगी के नींद ।।
प्रेम के जिबनमे टुहरा बानाकs।
चैल गेलौ दोसर संग इश्क लराक।।
आब अहाँ बिण जिबू कोना ।
कहू इ आंसू पिबू कोना ।।

याद  अबै छि सब दिन अहाँ ।
की करू आब जिबू कोना ।।
की प्रेम सचे केने छेलौ।
या केने छेलौ हमर जिंदगी संग मजाक ।।
तहिलेल त छोइर क हमर साथ पकिर लेलौ ।
दोसर  गोटे के हाथ ।।

मेहदी के ओ रंग याद अबै या ।
प्रेमक ओ दिन सब याद अबैया।।
अहिं कहू अब अहाँ बिण जिबू कोना ।
इ भैर बोतल जहर पिबू कोना ।।
                                                -राहुल झा